"बाबा तेरी मीठी मुरली की धुन सुनकर के मन हर्षाये
रास रचाये साथ तुम्हारे झूम-झूम ये दिल गाये
मुरली तेरी प्रीत है दिल की देती अनुभव निराला
जीवन में लाये उजाला, पिये जो अमृत प्याला
मुरली की तान पे तेरे अतीन्द्रिय सुख हम पाये
बाबा तेरी मीठी मुरली की धुन सुनकर के मन हर्षाये...
बाबा तेरी मीठी मुरली में प्रेम की गंगा बहती है
उड़ चलें आओ वतन में मीठे सुर में कहती है
वरदान शक्तियां देने को बाबा बैठे हैं बाहें फैलाये
बाबा तेरी मीठी मुरली की धुन सुनकर के मन हर्षाये...
मुरली के प्रकाश से मन में आशाओं का दीप जला है
मिटा अन्धेरा जीवन का, नव-प्रभात खिला है
मीठे बच्चे, कहे मीठे बाबा हमें शिक्षाओं से सजाये
बाबा तेरी मीठी मुरली की धुन सुनकर के मन हर्षाये...."
