"बाबा तेरी यादों में मन में प्रकाश भर जाए
बाबा तेरी यादों में मन में प्रकाश भर जाए
शुभ संकल्पों की उजालों से अंधियारा दूर हो जाए
बाबा तेरी यादों में मन में प्रकाश भर जाए
बाबा तेरी यादों में मन में प्रकाश भर जाए
ख्वाबों में अब तो अपने एक तेरा ही है चेहरा,
ख्वाबों में अब तो अपने एक तेरा ही है चेहरा
मस्तक पे ज्योति चमके किरणों का रंग सुनहरा
तुमपे लगे जो लगन तुमपे लगी जो लगन तो मन नूर हो जाए
बाबा तेरी यादों में मन में प्रकाश भर जाए
अनहद नाद गूंजे मन में मधुर मिलन में तेरे
अनहद नाद गूंजे मन में मधुर मिलन में तेरे
आनंद का अमृत पिए मन मोरा सांझ सवेरे
सोचू मैं जब भी सोचूं मैं जब भी ऐसा तू दूर छा जाए
बाबा तेरी यादों में मन में प्रकाश भर जाए
अंबर के जो पार बसा है
प्यारा दिव्य वतन,
अंबर के जो पार बसा है प्यारा दिव्य वतन
उड़ उड़ जाए पलभर में प्यारा अपना ये मन
स्नेह शक्तियों से स्नेह शक्तियों से जीवन भरपूर हो जाए
बाबा तेरी यादों में मन में प्रकाश भर जाए
बाबा तेरी यादों में मन में प्रकाश भर जाए
मन में प्रकाश भर जाए
मन में प्रकाश भर जाए"
