"बाबा तुम कितने अच्छे हो
बाबा तुम कितने प्यारे हो
सच कहते हैं हम
एक तुम ही
अपनी अंखियों के तारे हो
बाबा तुम कितने अच्छे हो
बाबा तुम कितने प्यारे हो
सच कहते हैं हम
एक तुम ही
अपनी अंखियों के तारे हो
बाबा तुम कितने अच्छे हो
दिल तत्तख्त पे हमें बिठाया है
मस्तक मणि बनाया है
गुण ज्ञान खजाने देकरके हुमे
सबसे धनी
बनाया है
रत्नों की थालियां भर भर के
आंचल भर दिए हमारे हो
बाबा तुम कितने अच्छे हो
खयालों में ना
ख्वाबों में था
यूं हमको मिल जाओगे
तुम बन के हजारों याद हमारे
मन में यूं मुसुकाओगे
मैफिल यह मेयसीर दिन होंगे
हर खुशियां हम पर वारे हो
बाबा तुम कितने अच्छे हो
हसरत यही है
हर दिल में
बाबा प्यार तुम्हारा भर जाए
संग के रंग में रंग के तेरे
हंसते गाते हम घर जाएं
योगी पावन जीवन देकर
नवयुग के दिए नजारे हो
बाबा तुम कितने अच्छे हो
बाबा तुम कितने प्यारे हो
सच कहते हैं हम
एक तुम ही
अपनी अंखियों के तारे हो
बाबा तुम कितने अच्छे हो
बाबा तुम कितने प्यारे हो
सच कहते हैं हम
एक तुम ही
अपनी अंखियों के तारे हो
बाबा तुम कितने अच्छे हो...."
