"हार दें उन्हें कैसा हम जो हार कभी ना खाते हैं
हार दें उन्हें कैसा हम जो हार कभी ना खाते हैं
गुण उनके हम क्या गायें भगवान् भी गा ना पाते हैं
भगवान् भी गा ना पाते हैं
बागों में बाहारों में सूरज चाँद सितारों में
बागों में बाहारों में सूरज चाँद सितारों में
लाखों की आखों में नज़र आती है
लाखों की आखों में नज़र आती है
सबसे न्यारी प्यारी वो अपनी दादी है
बागों में बाहारों में सूरज चाँद सितारों में
बागों में बाहारों में सूरज चाँद सितारों में
आआआआआ.......
आआआआआ.......
दूर न दादी हमसे वो चाहे धरती पे या गगन में
सदा समायी हर धड़कन में हर मन के चिंतन में
दूर न दादी हमसे वो चाहे धरती पे या गगन में
सदा समायी हर धड़कन में हर मन के चिंतन में
देती दिखायी मधुबन में आँगन में और कण कण में
प्राण दायिनी कल्याणी वो जीवनदात्री है
प्राण दायिनी कल्याणी वो जीवनदात्री है
बागों में बाहारों में सूरज चाँद सितारों में
बागों में बाहारों में सूरज चाँद सितारों में
आआआआआ.......
आआआआआ.......
दादियों में आके बाबा प्यार वो लुटाये
शक्तियों के बिन शिव बाबा कुछ भी कर न पाये
दादियों में आके बाबा प्यार वो लुटाये
शक्तियों के बिन शिव बाबा कुछ भी कर न पाये
ममता के आँचल में भर कर जीवन ज्योति जगाये
है महान निर्मान भी उतनी सीधी सादी है
है महान निर्मान भी उतनी सीधी सादी है
बागों में बाहारों में सूरज चाँद सितारों में
बागों में बाहारों में सूरज चाँद सितारों में
लाखों की आखों में नज़र आती है
लाखों की आखों में नज़र आती है
सबसे न्यारी प्यारी वो अपनी दादी है
बागों में बाहारों में सूरज चाँद सितारों में
बागों में बाहारों में
बागों में बाहारों में
ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ........
लालालालाला........."
