"बहुत बड़ी है दुनियां आआ...
बहुत बड़ी है दुनियां
किस किस से दिल लगाओगे
गर शिव बाबा में मन लगालो
जीवन भर सुख पाओगे
बहुत बड़ी है दुनियां ......
भाग रही है भीड़ में दुनियां,पता नहीं है जाना कहां
भाग रही है भीड़ में दुनियां, पता नहीं है जाना कहां
मन में कुछ और मुख में कुछ,समझना मुश्किल है यहाँ
मन को अब मंज़िल दिखाओ,वरना तुम पछताओगे
बहुत बड़ी है दुनियां ......
जिस दिन होगा प्रभु से मिलन,फूल बरसायेगा गगन
धरती अम्बर एक लगेंगे, झूम उठेगा मन मधुबन
स्वयं खुदा खुद आये ले जाने, शांति धाम अब जाओगे
बहुत बड़ी है दुनियां .........
जैसे तन को सजाते हो,मन को सजाना भी सीखो
जैसे तन को सजाते हो,मन को सजाना भी सीखो
सीखो प्रकृति से तुम समर्पण, बाबा से ज्ञानामृत पी लो
शिव को साथी बना के देखो, भव सागर तर जाओगे
बहुत बड़ी है दुनियां,किस किस से दिल लगाओगे
गर शिव बाबा में मन लगालो, जीवन भर सुख पाओगे
बहुत बड़ी है दुनियां
बहुत बड़ी है दुनियां ......."
