

बने है प्रभु पसंद , हम श्रेष्ठ स्वराज्य धारी है । । परिवार के भी पसंद, हम श्रेष्ठ स्वमान धारी है । बाबा अपना है साथी , जैसे दिया और बाती, दिल में निश्चय यही । ऐसा निश्चय का बल हो जहां , हर कदम सफलता का फल है वहाँ । खुद में बाबा में परिवार में भी , सृष्टि नाटक के किरदार में भी निश्चय कभी ना हो कम, निश्चयबुद्धि ऐसे बन जाए हम । मैं बाबा का और बाबा मेरा, सदा की विजय का ये आधार ठहरा । रहते है जब अपने स्वमान में , तो बदले समस्या समाधान में । हम ही कल्प कल्प के विजयी है तो फिर अब की विजय अपनी जाएगी कहाँ । ऐसा निश्चय का बल हो जहां , हर कदम सफलता का फल है वहाँ । ब्रह्मा बाबा का ब्राह्मण परिवार है , सबसे ये श्रेष्ठ महान परिवार है । इसके प्रीत की रीति निभाए , शुभ भावना से संस्कार मिलाए । निराकारी शिव और फरिश्ता ब्रह्मा । दोनों के जैसा हमें है बनना । निरकारी स्थिति से ही शक्ति भरे , फरिश्ता बनके हर कर्म करें । दोनों ही स्थिति का अभ्यास करें । मनसा सेवा में इससे शक्ति भरें । ब्रह्मा बाबा के जैसा हो जीवन , तब ही बनेंगे हम बाबा समान । ऐसा निश्चय का बल हो जहां , हर कदम सफलता का फल है वहाँ । बने है प्रभु पसंद , हम श्रेष्ठ स्वराज्य धारी है । । परिवार के भी पसंद, हम श्रेष्ठ स्वमान धारी है । बाबा अपना है साथी , जैसे दिया और बाती, दिल में निश्चय यही । ऐसा निश्चय का बल हो जहां , हर कदम सफलता का फल है वहाँ ।