

वर्तमान समय अपना रहमदिल और दाता स्वरूप प्रत्यक्ष करो” =================================== बने हम सबका सहारा, बाबा से मिला है इशारा, मिला है इशारा प्रभु पिता के हम बच्चे हैं, ढूंढ रहा हमें ये जग सारा, ये जग सारा। बने हम सबका सहारा, बाबा से मिला है इशारा, मिला है इशारा। ज्ञान के दाता, शक्ति दाता, गुणमूर्त बन रहे हम सदा। रहमदिल बनकर देते चलें, दुआओं से झोली भरते चलें। आदि, अनादि, मध्यकाल भी, दाता स्वरूप है सदा हमारा, सदा हमारा। बने हम सबका सहारा, बाबा से मिला है इशारा, मिला है इशारा। कमजोर को भी खुशी दिलाएं, परेशान को भी शान में लाएं। दिलशिकस्त का भी उमंग बढ़ाएं, संग के रंग से श्रेष्ठ बनाएं। संकल्प, वाणी और कर्म से, पुण्य का खाता जमा हो पूरा, जमा हो पूरा। बने हम सबका सहारा, बाबा से मिला है इशारा, मिला है इशारा। योग की ज्वाला ऐसे जलाएं, रूहें शमा पर बलिहार जाएं। दृष्टि में ऐसी झलक आजाए, दृष्टि से ही अनुभव कराएं। आत्म-स्मृति से स्वराज्य पाएं, अधीनता से करें किनारा, करें किनारा। बने हम सबका सहारा, बाबा से मिला है इशारा, मिला है इशारा। प्रभु पिता के हम बच्चे हैं, ढूंढ रहा हमें ये जग सारा, ये जग सारा। बने हम सबका सहारा, बाबा से मिला है इशारा, मिला है इशारा।