"बीत रहा जो पल, वो पल फिर ना आयेगा
बीत रहा जो पल, वो पल फिर ना आयेगा
पा रहा जो प्यार प्रभु का, फिर ना पायेगा
वो पल फिर ना आयेगा हो हो हो हो
बीत रहा जो पल..........
ऐ मेरे मन फिर क्यूं करता गफलत है
बेकार की बातों से तुझको अरे क्या मतलब है
ऐ मेरे मन फिर क्यूं करता गफलत है
बेकार की बातों से तुझको अरे क्या मतलब है
जो आज हक़ीक़त है, होहोहोओ....
जो आज हक़ीक़त है, किस्सा वो कल बन जायेगा
जो आज हक़ीक़त है, किस्सा वो कल बन जायेगा
पा रहा जो प्यार प्रभु का, फिर ना पायेगा
वो पल फिर ना आयेगा होहोहोओ
वो बीत रहा जो पल .....
यूं ही खोया ...तूने ये सुनहरा अवसर
हंसनें के बदले बहायेगा, आंसू भर भर कर
यूं ही खोया... तूने ये सुनहरा अवसर हंसनें के बदले बहायेगा आंसू भर भर कर
इस रंग रंगीली दुनिया में होंहोहोओ.... इस रंग रंगीली दुनिया में जब तू धोखा खायेगा
इस रंग रंगीली दुनिया में जब तू धोखा खायेगा
पा रहा जो प्यार प्रभु का फिर ना पायेगा
वो पल फिर ना आयेगा... होहोहोओ
बीत रहा जो पल ......
यूं ही निहाल तू होगा, प्रभु यादों में रह कर
हासिल कर ले सब कुछ तू, बाबा मेरा कह कर
यूं ही निहाल तू होगा, प्रभु यादों में रह कर
हासिल कर लें सब कुछ तू, बाबा मेरा कह कर
जीवन रहे सलामत.. होहोहोओ....
जीवन रहे सलामत, नैनों का नूर बनायेगा
जीवन रहे सलामत, नैनों का नूर बनायेगा
पा रहा जो प्यार प्रभु का फिर ना पायेगा
वो पल फिर ना आयेगा
बीत रहा जो पल..."
