"भगवान की संतान हो रख लो निर्मल मन
भगवान की संतान हो रख लो निर्मल मन
दिखाना है दुनियां बदल के ओ प्रभु के रतन
भगवान की संतान हो रख लो निर्मल मन
उगता सूरज खिलता फूल लबों पे हो मुस्कान
उगता सूरज खिलता फूल लबों पे हो मुस्कान
प्रभु से की सुगंध से जग को दे वरदान
पवित्रता की शक्ति से पवित्रता की शक्ति से करो इनके जतन
भगवान की संतान हो रख लो निर्मल मन
कभी किसी से बैर ना हो रूसना कभी गैर
कभी किसी से बैर ना हो रूसना कोई गैर
सबका प्यारा प्यारा बन तु दिल का हो निर्वैर
उन वक्त पथ के राही हो उन वक्त पथ के राही हो अब न रहें बंधन
भगवान की संतान हो रख लो निर्मल मन
भगवान की संतान हो रख लो निर्मल मन
रख लो निर्मल मन रख लो निर्मल मन"
