भृकुटी में जगती ज्योति इससे हर एक दीप जगा दो
सबको आत्म दर्शन करा दो
भृकुटी में जगती ज्योति इससे हर एक दीप जगा दो
सबको आत्म दर्शन करा दो
भृकुटी में जगती ज्योति
ये देह है सबका स्नेही
इसमें छिपा है लाल विदेहि
ये देह है सबका स्नेही
इसमें छिपा है लाल विदेहि
इसका परिचय सबको करा दो
भृकुटी में जगती ज्योति इससे हर एक दीप जगा दो
सबको आत्म दर्शन करा दो
भृकुटी में जगती ज्योति
आत्म स्मृति का तिलक लगाके
अहंकार को दूर भगाके
आत्म स्मृति का तिलक लगाके
अहंकार को दूर भगाके
ज्ञान का अमृत सबको पिला दो
भृकुटी में जगती ज्योति इससे हर एक दीप जगा दो
सबको आत्म दर्शन करा दो
भृकुटी में जगती ज्योति
यह तन पिंजरा पांच तत्व का
आत्म पंछी मूल वतन का
यह तन पिंजरा पांच तत्व का
आत्म पंछी मूल वतन का
जाना है घर सबको बता दो
भृकुटी में जगती ज्योति इससे हर एक दीप जगा दो
सबको आत्म दर्शन करा दो
सबको आत्म दर्शन करा दो
सबको आत्म दर्शन करा दो
