शिव का प्यारा, यज्ञ का भंडारा,
जीवन का सहारा, ब्रह्मा भोजन हमारा।
ये ब्रह्मा-भोजन, ये दुख भंजक,
ये ब्रह्मा-भोजन, ये रोग निवारक,
याद में खाओ,
प्यार से खाओ,
शांति से खाओ,
मौन में खाओ।
पवित्र स्थान में,
शुद्ध वातावरण में,
ऊँचे स्वमान में,
बाबा के साथ में।
भोजन को यज्ञ बनाओ,
पवित्र दृष्टि से सजाओ,
पुनीत भावना से सँवारो,
रूहानी शक्ति से महकाओ।
नीचे बैठकर,
भोग लगाकर,
धन्यवाद देकर,
प्रसन्न होकर।
दुआ का है उपचार,
दवा का है चमत्कार,
करो इसका सत्कार,
प्रेम से करो स्वीकार।
शिव का प्यारा, यज्ञ का भंडारा,
जीवन का सहारा, ब्रह्मा भोजन हमारा।
ये ब्रह्मा-भोजन, ये चिंता भंजक,
ये ब्रह्मा-भोजन, ये माया नाशक...
कमाया धन न हो काला,
मेहनत का हो हर निवाला,
ईमानदारी का रस निराला,
हो तब बाबा का नाम बाला।
भोजन हो हल्का,
हो ताज़ा घर का,
न बासी हो कल का,
स्वाद हो इस पल का।
ज़्यादा न खाओ,
भूख लगे तो खाओ,
कम ही खाओ,
लालच में न खाओ।
तरोताज़ा खाओ,
सात्त्विक खाओ,
मज़े से खाओ,
प्राकृतिक खाओ।
कच्चा ही सच्चा,
है सबसे अच्छा,
कर लो ये पक्का,
और न कोई इच्छा।
शिव का प्यारा, यज्ञ का भंडारा,
जीवन का सहारा, ब्रह्मा भोजन हमारा।
ये ब्रह्मा-भोजन, ये प्राण रक्षक,
ये ब्रह्मा-भोजन, ये परम रक्षक...
नमक–मिर्च से बचो,
मसालों से जी चुराओ,
चीनी को दूर भगाओ,
दूध को जीवन से हटाओ।
करुणा से भरा,
अहिंसा में खरा,
न चीत्कार से घिरा,
न अन्याय का अँधेरा।
न किसी प्राणी को हानि,
न कोई करुण कहानी,
न पाप की निशानी,
न दाँव पर कोई ज़िंदगानी।
शाकाहार का है नारा,
मांसाहार न अब दोबारा,
फलाहार लक्ष्य हमारा,
देव–आहार ये सबसे प्यारा।
फल खूब खाओ,
भरपूर लुत्फ उठाओ,
न समय की सोचो,
न अब मात्रा से डरो।
ये ब्रह्मा-भोजन, ये सुख दायक,
ये ब्रह्मा-भोजन, ये शक्ति दायक...
फल में प्रकाश,
फल में उड़ान,
फल में साधना,
फल में तप,
फल में ध्यान,
फल में प्रेम,
फल में दया।
फल ही जीवन,
फल ही अमृत,
फल ही सत्य,
फल ही सहजता,
फल ही औषदि,
फल ही आहार,
फल ही शक्ति।
फल में ईश्वर की मुस्कान,
फल में प्रकाश का स्पर्श,
फल में करुणा की धारा,
फल में ब्रह्मचर्य का बीज,
फल में सत्य की गूंज,
फल में योग का आव्हान,
फल में जीवन का संगीत।
फल ही वृक्ष का उपहार,
फल ही सूर्य का अंश,
फल ही चंद्रमा की ठंडक,
फल ही धरती की करुणा,
फल ही आकाश की पुकार,
फल ही जल का प्रसाद,
फल ही वायु का आलिंगन।
फल ही ब्रह्मा भोजन,
फल ही वैष्णव भोजन,
फल ही शिव का भोग,
फल ही राजयोग....
शिव का प्यारा, यज्ञ का भंडारा,
जीवन का सहारा, ब्रह्मा भोजन हमारा।
ये ब्रह्मा-भोजन, ये रोग संरक्षक,
ये ब्रह्मा-भोजन, ये जीवन संरक्षक...
