"ब्रम्हा कुल के भूषण बच्चे खुशीसे नाचे गए
ब्रम्हा कुल के भूषण बच्चे खुशीसे नाचे गए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
घोर नरकसम कलियुग है ये करने इसका परिवर्तन
स्वर्णिम दुनिया करने लेते पिताश्री ब्रम्हा जिनका तन
पतित आत्माको पावन करने राजयोग अब सिखलाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
निराकार शिव बिंदुरूप को बिंदु होकर याद करे
बिंदु होकर याद करे
निराकार शिव बिंदुरूपको बिंदु होकर याद करे
ज्ञान के बिंदु बिंदु जल के
शीतल संतत धारा धरे
शीतल संतत धारा धरे
ज्ञान के बिंदु बिंदु जल के
शीतल संतत धारा धरे
विकार रूपी धतूरा शिव पर हम सब चढ़ाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
ब्रम्हा कुल के भूषण बच्चे खुशोसे नाचे गए
ब्रम्हा कुल के भूषण बच्चे खुशोसे नाचे गए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
शिव जयंती पर्व मनाए
_________"
