

बाबा हमें, याद दिलाता, लक्ष्य अपना सदा ब्राह्मण सो फ़रिश्ता, फ़रिश्ता सो देवता लक्ष्य समान ही लक्षण अपना संबंध संस्कारों में हल्के हो रहना प्यारे दुलारे सबके हमको है बनना, हमको है बनना फ़रिश्ते की, यही है विशेषता, सबको अपना कहता उसको सभी भी चाहें, सभी को भाता बाबा हमें, याद दिलाता, लक्ष्य अपना सदा ब्राह्मण सो फ़रिश्ता, फ़रिश्ता सो देवता बाबा के राजा बच्चे, स्वराज्य अधिकारी मस्तक में आत्मज्योति, प्रकाश स्वरूप धारी वातावरण फैलाए अनुभूति अशरीरी, अनुभूति अशरीरी अनुभव ही, कभी नहीं भूलता, शांति खुशी देता आत्मिक प्यार का अनुभव कराता बाबा हमें, याद दिलाता, लक्ष्य अपना सदा ब्राह्मण सो फ़रिश्ता, फ़रिश्ता सो देवता दृष्टि में रूहानियत का नूर नज़र आए फ़रिश्ता स्वरूप का अनुभव बढ़ाए किसी की विशेषता के प्रभाव में ना आए, प्रभाव में ना आए लगाव ही देह अभिमान लाता, यही दिलशिकस्त बनाता फ़रिश्ता स्वरूप ऐसी बातों में नहीं आता