ब्राह्मणों की दो निशानियां निश्चय और विजय
ब्राह्मणों की दो निशानियां निश्चय और विजय
जीवन का आधार है हिलने न पाए
विजय का प्रमाण है कमजोर न हो जाए
ब्राह्मणों की दो निशानियां निश्चय और विजय
बाबा में निश्चय हो संपूर्ण जान ले हम अपना स्वमान
बाबा में निश्चय हो संपूर्ण जान ले हम अपना स्वमान
अपने ब्राह्मण कुल को यथार्थ जान जाए
पुरुषोत्तम संगम युग की महिमा मान जाए
ब्राह्मणों की दो निशानियां निश्चय और विजय
ब्राह्मणों की दो निशानियां निश्चय और विजय
दिल के भोलेही भोलेनाथ को प्यारे
कर्म को सदा त्रिकालदर्शी बन करे
दिल के भोले लगते सबको प्यारे
परिणाम जान के ही कर्म हम करे
सत्य हो तो बोल में हो सभ्यता
सत्य का प्रकाश है अमर सदा
सिद्ध कीये जिद्द कभी न करे
सभ्यता से ही हो प्रत्यक्षता
पहले स्व फिर सर्व के शुभ चिंतक बन जाए
पहले स्व फिर सर्व के शुभ चिंतक बन जाए
ब्राह्मणों की दो निशानियां निश्चय और विजय
ब्राह्मणों की दो निशानियां निश्चय और विजय
जीवन का आधार है ये हिलने न पाए
विजय का प्रमाण है कमजोर न हो जाए
ब्राह्मणों की दो निशानियां निश्चय और विजय
ब्राह्मणों की दो निशानियां निश्चय और विजय
