चलो करें हम सैर रूहानी
चलो करें हम सैर रूहानी, चलो करें हम सैर
हाथ में हाथ लिए बाबा के, चलो करें हम सैर
चलो करें हम सैर रूहानी, चलो करें हम सैर
हाथ में हाथ लिए बाबा के चलो करें हम सैर
स्मृतियों के हम पंख लगाके तीनों लोक में जाए
तीनों कालों में चारो युगों में आओ चक्र लगाए
स्मृतियों के हम पंख लगाके तीनों लोक में जाए
तीनों कालों में चारो युगों में आओ चक्र लगाए
पार करेंगे हंसते-हंसते
पार करेंगे हंसते-हंसते
भवसागर को तैर
हाथ में हाथ लिए बाबा के चलो करें हम सैर
स्थूल वतन से ऊपर अपना सूक्ष्म वतन ये आया
यही फरिश्तों की दुनिया पहने प्रकाशमय काया
स्थूल वतन से ऊपर अपना सूक्ष्म वतन ये आया
यही फरिश्तों की दुनिया पहने प्रकाशमय काया
सबसे ऊपर मूल वतन घर
सबसे ऊपर मूल वतन घर
जाए तनिक यहां ठहर
हाथ में हाथ लिए बाबा के चलो करें हम सैर
आदिकाल में आत्माएं जब धरती पर है आई
देवी देवताओं की दुनिया स्वर्ग यही कहलाई
आदिकाल में आत्माएं जब धरती पर है आई
देवी देवताओं की दुनिया स्वर्ग यही कहलाई
थे भंडार भरे भारत के
थे भंडार भरे भारत के
लगे सुखों के ढेर
सतयुग को हम मुख दे अपना कलयुग को दे पैर
सतयुग ,त्रेता बीते द्वापर कलयुग की अब बारी
रावण की पारी शुरू हुई पर आखिर आकार हारी
सतयुग ,त्रेता बीते द्वापर कलयुग की अब बारी
रावण की पारी शुरू हुई पर आखिर आके हारी
खैर चलो अब लौट चलें घर
खैर चलो अब लौट चलें घर
हो ना जाए देर
हाथ में हाथ लिए बाबा के चलो करें हम सैर
चलो करें हम सैर रूहानी चलो करें हम सैर
हाथ में हाथ लिए बाबा के चलो करें हम सैर
चलो करें हम सैर रूहानी चलो करें हम सैर
हाथ में हाथ लिए बाबा के चलो करें हम सैर
चलो करें हम सैर रूहानी चलो करें हम सैर
हाथ में हाथ लिए बाबा के चलो करें हम सैर
