चमकती हैं अपनी भाग्य रेखाएं
मधुर वाणी मुख से सदा ही बरसाएं
होठों पे अपनी मीठी मुस्कान है
दिल में दिलाराम है
श्रेष्ठ कर्म से कदम में पदम पाएं
चमकती हैं अपनी भाग्य रेखाएं
मधुर वाणी मुख से सदा ही बरसाएं
भाग्य विधाता ही हमको मिला है अभी
ऐसा भाग्य कभी किसीको मिलता नहीं
भाग्य विधाता है मुबारक दे रहें है
वाह बच्चें वाह वाह यहीं गीत गा रहें है
भाग्य में खो जाएं कुछ भी हो जाएं
भाग्य की स्मृति को हम भूल ना पाएं
भाग्यविधाता को अपना बना ही लिया
सबकुछ पा ही लिया संतुष्टता से चेहरा हर्षाए
चमकती हैं अपनी भाग्य रेखाएं
मधुर वाणी मुख से सदा ही बरसाएं
हम पूर्वज है सबके आधार सुन ले हम दुःखीयों की पुकार
सुख शान्ति की किरणों से उन्हें दे उपहार
जब आए कोई आपदा आश्चर्य की मात्रा ना कदा
उस पल में ही बिंदी लगे ऐसा पुरुषार्थ हो सदा
भगवान का साथ है जहां सदा ही विजय है वहां
दिल से मेरे बाबा कहें बाबा सदा हाजिर रहें
खजाने जो हमें मिले वो हम बांटते चलें
दुवाएं लेते चलें पुण्य कमाते चलें
नए नए संस्कार को कार्य में लाते चले
पुराने मिटाते चले
अपने उमंग से सभी में उमंग लाए
चमकती हैं अपनी भाग्य रेखाएं
मधुर वाणी मुख से सदा ही बरसाएं
होठों पे अपनी मीठी मुस्कान है
दिल में दिलाराम है
श्रेष्ठ कर्म से कदम में पदम पाएं
चमकती हैं अपनी भाग्य रेखाएं
मधुर वाणी मुख से सदा ही बरसाएं
