छोड़कर दुनियां को जब तू जायेगा हमराही ना कोई फिर बन पाएगा
छोड़कर दुनियां को जब तू जायेगा हमराही ना कोई फिर बन पाएगा
तूने शिव को याद किया ना पुण्य का कर्म किया ना
तूने शिव को याद किया ना पुण्य का कर्म किया ना
पछताएगा फिर तू प्यारे जब आए अंतिम घड़ियां
कौन बचाएगा हमराही ना कोई फिर बन पाएगा
छोड़कर दुनियां को जब तू जायेगा हमराही ना कोई फिर बन पाएगा
क्यूं करता मैं मेरा ये है माया का फेरा
क्यूं करता मैं मेरा ये है माया का फेरा
यहां कुछ भी रह ना पाता क्यूं बनाए पाप का खाता
पंछी उड़ जाएगा हमराही ना कोई फिर बन पाएगा
छोड़कर दुनियां को जब तू जायेगा हमराही ना कोई फिर बन पाएगा
आ शिव शरण में प्यारे तू सुख पाएगा न्यारे
आ शिव शरण में प्यारे तू सुख पाएगा न्यारे
कट जाए फिर सब तेरे जन्मों के पाप उतारे
पार हो जाएगा हमराही ना कोई फिर बन पाएगा
छोड़कर दुनियां को जब तू जायेगा हमराही ना कोई फिर बन पाएगा
