दया सिंधु के स्नेह में डूबी इतना आनंद पाए
दया सिंधु के स्नेह में डूबी इतना आनंद पाए
बनकर बिंदु उन लहरों में लवलीन हो जाए
दया सिंधु के स्नेह में डूबी इतना आनंद पाए
सुख के रंग से रंग गया जीवन
पुलकित है मन जैसे मधुबन
सुख के रंग से रंग गया जीवन
पुलकित है मन जैसे मधुबन
गहरी अनुभव में खो जाए
यादों में हम जब से समाए
बाबा बाबा गूंजे जहन में
अंतर्मन में मेरा मन मुस्काए
बनकर बिंदु उन लहरों में लव लीन हो जाए
दया सिंधु के स्नेह में डूबी इतना आनंद पाए
सतत स्मरण ही अब करे निरंतर
मधुर मिलन का मधुरस पीकर
सतत स्मरण ही अब करे निरंतर
मधुर मिलन का मधुरस पीकर
चिंतन है ये चित के अंदर
धन्य हुए प्रभु यादों में जीकर
जीवन कर दी हैं समर्पण
हम प्रभु की पालना पाए
बनकर बिंदु उन लहरों में लव लीन हो जाए
दया सिंधु के स्नेह में डूबी इतना आनंद पाए
दया सिंधु के स्नेह में डूबी इतना आनंद पाए
बनकर बिंदु उन लहरों में लव लीन हो जाए
दया सिंधु के स्नेह में डूबी
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