

दिल कहता अब तो बार-बार मेरा बाबा, मेरा बाबा दिल कहता अब तो बार-बार मेरा बाबा, मेरा बाबा साँसों का कहता तार तार, मेरा बाबा, मेरा बाबा दिल कहता अब तो बार-बार मेरा बाबा, मेरा बाबा जाने ये कैसा जादू है, ये शब्द बड़ा सुस्वादु है जिससे छलकता मधुरस है, ये बड़ा सरस है, सबरस है कुछ है तो यही संसार सार, मेरा बाबा, मेरा बाबा दिल कहता अब तो बार-बार मेरा बाबा, मेरा बाबा दिल कहता अब तो बार-बार सूरत आँखों में वही वही, मूरत मन में है वही वही अनुभव दिल का बस यही यही, उससे सुन्दर है कोई नहीं रहे नयना ये अपलक निहार, मेरा बाबा, मेरा बाबा दिल कहता अब तो बार-बार मेरा बाबा, मेरा बाबा दिल कहता अब तो बार-बार है साज यही, है राज़ यही, हम बच्चों का सिरताज यही हर सुमन इसी में खिलते हैं, धरती-गगन सब मिलते हैं पतवार यही जो करे पार, मेरा बाबा, मेरा बाबा दिल कहता अब तो बार-बार मेरा बाबा, मेरा बाबा दिल कहता अब तो बार-बार मेरा बाबा, मेरा बाबा साँसों का कहता तार तार, मेरा बाबा, मेरा बाबा दिल कहता अब तो बार-बार मेरा बाबा, मेरा बाबा दिल कहता अब तो बार-बार मेरा बाबा, मेरा बाबा दिल कहता अब तो बार-बार मेरा बाबा, मेरा बाबा