"दिल के सितार का गाता तार-तार है
बाबा ही संसार मेरा, बाबा ही संसार है
मन की लगन को, कैसे मैं छुपाऊँ
तेरी ही प्रीति के मैं, गीत सुनाऊँ
नैनों से प्यार का होता इजहार है
दिल के सितार का गाता तार-तार है....
सुख- सावन की झड़ी-सी लगाई है
आत्म-दीप जल उठे, ज्यूँ फूलझड़ी जलाई है
ज्ञान के शिंगार का पाया उपहार है
दिल के सितार का गाता तार-तार है......
देखूँ तो दिखता, तेरा ही नजारा है
भरी दुनिया में बाबा, तू ही हमारा है
तेरे उपकार का आभार बार-बार है
दिल के सितार का गाता तार-तार है...."
