【मुखड़ा】
दिलाराम को दिल में बसा लो, यही है सच्चा प्यार,
अपने चेहरे द्वारा हो, बाबा का दीदार।
दिलाराम को दिल में बसा लो, यही है सच्चा प्यार।
【अंतरा – १】
बाबा ही सदा अपने,
नयनों में हो समाया।
मस्तक में उनका ही,
नूर जगमगाया।
हर बोल में बाबा की,
शक्ति का एहसास हो।
भगवान के हम बच्चे,
सबको यह विश्वास हो।
जैसे ब्रह्मा बाबा ने,
शिव को किया साकार।
अपने चेहरे द्वारा हो, बाबा का दीदार।
दिलाराम को दिल में बसा लो, यही है सच्चा प्यार।
【अंतरा – २】
यज्ञ-सेवा का सौभाग्य पाएँ,
पुण्य का खाता बढ़ता ही जाए।
आत्माओं को देनी हैं,
सुख-शांति की किरणें।
किरणों के सहारे आएँगे,
प्रभु से मिलने।
यही अंतिम सेवा,
समय की है पुकार।
अपने चेहरे द्वारा हो, बाबा का दीदार।
【अंतरा – ३】
दिल से सभी को स्नेह दो,
शक्ति का सहयोग दो।
शक्तिशाली हो सेवास्थान,
ऐसा अपना योग हो।
ज्वालामुखी योगाग्नि को,
जगा के ही रखना है।
इस योग की शक्ति से ही,
सारे जग को बदलना है।
रहे हुए संस्कारों का,
अब करना है संस्कार।
अपने चेहरे द्वारा हो, बाबा का दीदार।
ॐ शान्ति
