

Ringtone Available
Listen & download ringtone
"दृष्टी ने तुम्हारी बाबा हम सब की सृष्टी बदल दी दृष्टी ने तुम्हारी बाबा हम सब की सृष्टी बदल दी एक शक्ती अलोकिक भर दी आनंद वृष्टी कर दी दृष्टी ने तुम्हारा बाबा हम सब की सृष्टी बदल दी ये देहभान भूलाती है दुनिया से दूर ले जाती है जो उड़न खटोले में लेकर त्रिलोक की सैर करती है श्रीमतके दौरमें चितचोर बन अपनी और लिए चल दी दृष्टी ने तुम्हारी बाबा हम सब की सृष्टी बदल दी अनहद से नाद मे बोले अंतर के भेद ये खोले हम अति इंद्रिय सुख में झूले नैनो के बैठ हिंदोले छलका है सागर में की गागर में रूहानी मस्ती भर दी दृष्टी ने तुम्हारी बाबा हम सब की सृष्टी बदल दी इन में संसार हमारा है नवयुग का नया नजारा है अब वापस घर को चलने का मिल रहा मधुर इशारा है पावन निर्मल मुस्कानों ने नयनों में स्नेह जल भर दी दृष्टी ने तुम्हारी बाबा हम सब की सृष्टी बदल दी दृष्टी ने तुम्हारी बाबा हम सब की सृष्टी बदल दी ___________________________"