दूर देश का रहनेवाला देता एक संदेश
दूर देश का रहनेवाला देता एक संदेश
बच्चों तुम बिन भाता नहीं है मुझ को अपना देश
प्यार की कश्ती में बैठो चलो मीठे स्वदेश
बच्चों तुम बिन भाता नहीं है मुझ को अपना देश
दूर देश का रहनेवाला
झिलमिल महलों में तेरा था बसेरा
झिलमिल महलों में तेरा था बसेरा
धरा गगन में राज अकेला
धरा गगन में राज अकेला
सुख और चमन की दुनियां में ना कोई बैर द्वैत
दूर देश का रहनेवाला
देह की माटी से तुने दिल लगाया
देह की माटी से तुने दिल लगाया
मेरा मेरा कहकर सब है गवाया
मेरा मेरा कहकर सब है गवाया
कहता तुझे मैं दिव्य सितारा हो ब्रह्मा में प्रवेश
दूर देश का रहनेवाला
खुद और खुदा का राज तु भुला
खुद और खुदा का राज तु भुला
माया के वश हो पड़ा तु अकेला
माया के वश हो पड़ा तु अकेला
तुने क्या अपना हाल बनाया बचाना कुछ भी शेष
दूर देश का रहनेवाला
शांति कुंड ही घर है तेरा
शांति कुंड ही घर है तेरा
रंग जिसका है लाल सुनहरा
रंग जिसका है लाल सुनहरा
पंछी उड़ चल उस अंबर में बदल दे अपना वेश
दूर देश का रहनेवाला
