जीवन में आकर ज्योति जगाकर
हमसे जुदा न हो पाओगी दादी
हमे ज्ञान रत्नों से इतना भरा है
दुआओं में भी याद आओगी दादी
दुआओं में भी याद आओगी दादी
युवा ही रही उम्र का न था बंधन
उत्साह का देकर माथे पे चंदन
आ आ आ आ आ
युवा ही रही उम्र का न था बंधन
उत्साह का देकर माथे पे चंदन
उमंगों के पंखों से उड़ते उड़ाते
सदा ही रहे बाबा की आग्या पे
सुना जाएगा यज्ञ इतिहास जब भी
सदा सामने आ पाओगी दादी
सदा सामने आ पाओगी दादी
दुनिया को दी है ऐसी निशानी
सुख से भरी राहे सबको सुहानी
आ आ आ आ आ
दुनिया को दी है ऐसी निशानी
सुख से भरी राहे सबको सुहानी
न कोई जिया है ना कोइ जियेगा
सो साल की क्या रही जिंदगाणी
वही मंदिरी की सजी देवीया हो
हमेशा ही पूजी जाओगी दादी
हमेशा ही पूजी जाओगी दादी
सेवा जो तन से रही थी अधुरी
वतन सी ही करने चली उसको पुरी
आ आ आ आ
सेवा जो तन से रही थी अधुरी
वतन सी ही करने चले उसको पुरी
मिला आपका है हमे प्यार प्यारा
श्रद्धांजली देता परिवार सारा
शिव बाबा को याद जब भी करेंगे
शिव शक्ती बन याद आओगी दादी
शिव शक्ती बन याद आओगी दादी
जीवन में आकर ज्योति जगाकर
हमसे जुदा हो न पाओगी दादी
हमे ज्ञान रत्नों से इतना भरा है
दुआओं में भी याद आओगी दादी
दुआओं में भी याद आओगी दादी
दुआओं में भी याद आओगी दादी
