"ओ....म..... आआआआआआ आआआआआआ आआआआआआ आआआआआआ आआआआआआ
एक ही धुन में खोया रहूं मैं
एक ही धुन में खोया रहूं मैं,प्यारे प्रभु की याद में
एक ही धुन में खोया रहूं मैं, प्यारे प्रभु की याद में
इतना प्यार ज़िगर में भरुं, अपनी हर इक सांस में
एक ही धुन में खोया रहूं मैं
एक ही धुन में खोया रहूं मैं
आआआआ आआआआ आआआआ
देखूं तो बस उनका नज़ारा, दिल में बसा है प्रीतम प्यारा
करता चलूं सेवा .........
करता चलूं सेवा सारे जगत की,
हमपे नज़र है सदा रहमत की
मिलीं शिक्षाएं ........
मिलीं शिक्षाएं, मिलीं दुआएं, बीते ये जीवन साथ में
एक ही धुन में खोया रहूं मैं
एक ही धुन में खोया रहूं मैं
ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं
मन मेरा हुआ ऐसा सुनहरा,प्रात के बाद ज्यों आए सबेरा
सुख में डूबी है ...... आआआआआ आआआआआ
सुख में डूबी है, ज़िन्दगी सारी,उजली हुई किरणों से तुम्हारी
ये फिज़ाएं ......
ये फिज़ाएं,संग गुनगुनाएं ,दिन हो चाहे रात में
एक ही धुन में खोया रहूं मैं
एक ही धुन में खोया रहूं मैं, प्यारे प्रभु की याद में
एक ही धुन में खोया रहूं मैं, प्यारे प्रभु की याद में
इतना प्यार ज़िगर में भरुं, अपनी हर इक सांस में
एक ही धुन में खोया रहूं मैं
एक ही धुन में खोया रहूं मैं"
