"आ आ आ, आ आ आ
एक कहानी सुनाते है
बात रूहानी बताते है,
कराची से आबू तक का दिव्य सफर सुनाते है
एक कहानी सुनाते है आ आ आ आ आ आ
विश्व सारा दुःख की धूप से कर रहा था आहाकार
आये तब भारत भूमी पर खुद ही शिव निराकार
दादा लेखराज तन के द्वारा ब्रम्हा नाम से हुए साकार
ब्रम्हा नाम से हुए साकार,
एक कहानी सुनाते है
बात रूहानी बताते है
एक कहानी सुनाते है आ आ आ आ आ आ
सिंध हैदराबाद में ये यज्ञ ओम मंडली से शुरू हुआ
नारी शक्तियों के द्वारा कितना ही चमत्कार हुआ
योग अग्नसे शिव बाबा
पाप सबके मिटाते है
पाप सबके मिटाते है,
एक कहानी सुनाते है
बात रूहानी बताते है
एक कहानी सुनाते है आ आ आ आ आ आ
आबू पर स्वर्ग बसाया ऐसा प्यारा मीठा मधुबन
उसमे फुल खिल उठे है ज्ञान सरोवर शांतिवन
मीठे वतन का अनुभव कराने
बाबा खुद आ जाते है
बाबा खुद आ जाते है,
एक कहानी सुनाते है
बात रूहानी बताते है
राजयोगी बन हर आत्मा बेहद सेवा कर रहे
जन्म जन्म का भाग्य बनाने शिव से योग लगा रहे
मुरली सुनाकर मीठे बाबा
सुख के झूले में झुलाते है
सुख के झूले में झुलाते है,
एक कहानी सुनाते है
बात रूहानी बताते है
एक कहानी सुनाते है आ आ आ आ आ आ
बीता यूंही पचहत्तर साल रचाया एक नया इतिहास
सुख शांति का करता यही से
सब हो रहा अहसास
जो भी यहा आ जाते है
प्रभु प्यार से भर जाते है
प्रभु प्यार से भर जाते है,
एक कहानी सुनाते है
बात रूहानी बताते है,
कराची से आबू तक का दिव्य सफर सुनाते है
एक कहानी सुनाते है आ आ आ आ आ आ
एक कहानी सुनाते है आ आ आ आ आ आ
एक कहानी सुनाते है आ आ आ आ आ आ..."
