एक मैं जानूं एक तू जाने मुझे तुमसे कितना प्यार है
मेरा हमसफ़र बनकर बाबा मुझे भव से कर दिया पार है
एक मैं जानूं एक तू जाने, मुझे तुमसे कितना प्यार है
बाबा मेरे बाबा, बाबा शिव बाबा
मैं भटका था उन राहों पे जहाँ मंज़िल ना ठिकाना था
ना जीवन का कोई मोल था मुझे मालूम नहीं क्या पाना था
मेरी डूबती नैया को तूने लगाया पार है
एक मैं जानूं एक तू जाने मुझे तुमसे कितना प्यार है
बाबा मेरे बाबा बाबा शिव बाबा
रोशन हुए मेरे दोनों जहां तूने ज्ञान उजाला कर डाला
मेरी सूनी-सूनी बगिया को फूलों से तूने भर डाला
मेरे जीवन को तूने किया बाबा गुल ए गुलज़ार है
एक मैं जानूं एक तू जाने मुझे तुमसे कितना प्यार है
बाबा मेरे बाबा बाबा शिवबाबा
मेरा आत्म ज्ञान का दीप जला, नई सोच नया जुनून मिला
मेरे जिस्म से रूह तक उतर गया, मुझे तुमसे जो सुकून मिला
तेरा हाथ सदा मेरे सिर पे रहे तू ही मेरा संसार है
एक मैं जानूं एक तू जाने मुझे तुमसे कितना प्यार है
एक मैं जानूं एक तू जाने मुझे तुमसे कितना प्यार है
बाबा मेरे बाबा बाबा शिवबाबा
