ज्ञान अमृत पिलाता चल
रूहो की प्यास बुझाता चल
ज्ञान अमृत पिलाता चल
रूहो की प्यास बुझाता चल
लेकर योग मशाल हाथ में
लेकर योग मशाल हाथ में
सबको राह दिखाता चल
ज्ञान अमृत पिलाता चल
रूहो की प्यास बुझाता चल
शिव जो पावन ज्ञान बरसाए
जन-जन को संदेश सुनाएं
शिव जो पावन ज्ञान बरसाए
जन-जन को संदेश सुनाएं
मानव जागे ,जग को जगाए
सबकी आत्म ज्योति जगाए
दे आत्मा की तू पहचान
दुःखी को सुखी बनाता चल
ज्ञान अमृत पिलाता चल
रूहो की प्यास बुझाता चल
कर प्रतिज्ञा आज स्वयं तू
नव संसार रचाएंगे
कर प्रतिज्ञा आज स्वयं तू
नव संसार रचाएंगे
तन मन की आहुति देकर
स्वर्णिम भारत लायेंगे
भर भर कर गुणों से झोली
हर गुण तु लुटाता चल
ज्ञान अमृत पिलाता चल
रूहो की प्यास बुझाता चल
लेकर योग मशाल हाथ में
लेकर योग मशाल हाथ में
सबको राह दिखाता चल
ज्ञान अमृत पिलाता चल
रूहो की प्यास बुझाता चल
