

"ग्यान सागर की गहराई में, ग्यान सागर की गहराई में,मैं खोता ही जाऊं ग्यान सागर की गहराई में मैं खोता ही जाऊं अंतरमुखता की गुफा में, सुख घनेरा पाऊं ग्यान सागर की गहराई में ग्यान सागर की गहराई में ज्योतिर्बिन्दु बाबा आपने, ऐसी ज्योति जगाई तू है ज्योतिर्बिन्दु आत्मा, बिसरी याद दिलाई ज्ञान सूर्य की किरणों से मैं, आत्म दीप जलाऊं ग्यान सागर की गहराई में, मैं खोता ही जाऊं ग्यान सागर की गहराई में ग्यान सागर की गहराई में पांच तत्व के इस पुतले को, जब से हमने भुलाया सारे जहां का वैभव बाबा, हमने तुझमें पाया बन के विदेही अब तो बाबा, तुझमें ही खो जाऊं ग्यान सागर की गहराई में, मैं खोता ही जाऊं ग्यान सागर की गहराई में ग्यान सागर की गहराई में प्यार के सागर बाबा आपने, दिल में हमें समाया आत्म भाव से भरकर मन को, अन्तर्मुखी बनाया प्रभु प्रेम को दिल में भर कर, लहर लहर लहराऊं ग्यान सागर की गहराई में, मैं खोता ही जाऊं ग्यान सागर की गहराई में ग्यान सागर की गहराई में ग्यान सागर की गहराई में"