है तन का तो मोह ना कीजे रे
मानवा एक दिन माटी में मिल जाए
है तन का तो मोह ना कीजे रे
मानवा एक दिन माटी में मिल जाए
हे संग जैसा रंग लागे खोटे कर्म ना हो जाए
मानवा एक दिन माटी में मिल जाए
है तन का तो मोह ना कीजे रे
मानवा एक दिन माटी में मिल जाए
राग द्वेष काम क्रोध अहंकार त्यज़ के
अपना ले राह सत्य की शिव को सिमर ले
अपना ले राह सत्य की शिव को सिमर ले
दुनिया के चक्कर में तू भूल नहीं जाना
हीरे जैसे जीवन को तू सद्गुणों से भर ले
हीरे जैसे जीवन को तू सद्गुणों से भर ले
झूठी काया झूठी माया इसमें ना भरमाए
मनवा एक दिन माटी में मिल जाए
है तन का तो मोह ना कीजे रे
मनवा एक दिन माटी में मिल जाए
तेरी मेरी छोड़ रे मनवा करेगा तू पाएगा
पुण्य की रे गठरी बांधो नहीं तो पछताएगा
पुण्य की रे गठरी बांधो नहीं तो पछताएगा
खाली हाथ आया जग में खाली हाथ जाएगा
भरोसा नहीं जीवन का पल में बूझ जाएगा
भरोसा नहीं जीवन का पल में बूझ जाएगा
हिलोरे की नैया लेकर पार लगे ना डूब जाए
मनवा एक दिन माटी में मिल जाए
है तन का तो मोह ना कीजे रे
मनवा एक दिन माटी में मिल जाए
हे संग जैसा रंग लागे खोटे कर्म ना हो जाए
मनवा एक दिन माटी में मिल जाए
है तन का तो मोह ना कीजे रे
मनवा एक दिन माटी में मिल जाए
माटी में मिल जाए
माटी में मिल जाए
मनवा रे
मनवा रे
—----------------------------------------
