

हर गुण और शक्ति के अनुभवी मूर्त बन जाएंगे अनुभवी बन सबको अनुभवी बनाएंगे अनुभवी मूर्त बन जाएंगे सबको अनुभवी बनाएंगे गुण और शक्ति के अनुभवी मूर्त बन जाएंगे अनुभवी बन सबको अनुभवी बनाएंगे अनुभवी कभी नाही जाए कोटो में कोई वही कहलाए हर घड़ी को अंतिम घड़ी समझे हिम्मत से आगे बढ़ जाए अनुभव कोही आधार हम बनायेंगे हर गुण और शक्ति के अनुभवी मूर्त बन जाएंगे बाबा की यही आस वारिस आए बाबा के पास प्रत्यक्ष हो जाए बाबा विजई रतन रचाए रास बाबा आगये ये गीत हर दिल गाएंगे हर गुण और शक्ति के अनुभवी मूर्त बन जाएंगे मन वचन कर्म से जमा करे खजानों से झोली भरे व्यर्थ न जाए खजाना कोई पूज्यनीय बनकरके निखरे गायन पूजनके योग्य अभी ही बन जाएंगे अनुभवी मूर्त बन जाएंगे सबको अनुभवी बनाएंगे हर गुण और शक्ति के अनुभवी मूर्त बन जाएंगे अनुभवी बन सबको अनुभवी बनाएंगे