"हर किसीको चाहिए मंजिल का पता
हर किसीको चाहिए मंजिल का पता
आगे बढ़ते चलो ……
आगे बढ़ते चलो
है ये रब दी सदा
है ये रब दी सदा
है ये रब दी सदा
हर किसीको चाहिए मंजिल का पता
जिंदगी दो पहियोकी गाड़ी है
कोई नर बनता है कोई नारी है
हमे उठते रहते गीले शिकवे
हमे उठते रहते गीले शिकवे
हार और जीत के यहा मिलते सिले
ज्ञान सूर्य बनाए तुम्हे कृष्ण राधा
ज्ञान सूर्य बनाए तुम्हे कृष्ण राधा
चलो बढ़ते चलो ये है रब दी सदा
चलो बढ़ते चलो ये है रब दी सदा
हर किसीको चाहिए मंजिल का पता
रातो के मुसाफिर थक मत जाना
आबू में पाओगे तुम अपना ठिकाना
यहा सबकी मंजिल है नूरे खुदा
यहा सबकी मंजिल है नूरे खुदा
वादा भी निभाया किया हक अदा
मुक्ति जीवन मुक्ति है बंदो की रजा
मुक्ति जीवन मुक्ति है बंदो की रजा
आगे बढ़ते चलो ये है रब दी सदा
आगे बढ़ते चलो ये है रब दी सदा
हर किसीको चाहिए मंजिल का पता
राहों में जो छूटा वो सब झूठा
माया मोह ने सभिको यह लुटा
खुद ही को खुदा से जिसने जाना
वही आशिक हुआ है दीवाना
वही आशिक हुआ है दीवाना
गुमराहो का है तो लटका नशा
गुमराहो का है तो लटका नशा
चलो बढ़ते चलो ये है रब दी सदा
चलो बढ़ते चलो ये है रब दी सदा
हर किसीको चाहिए मंजिल का पता "
