हर पल यादे शिव बाबा की
मन में नए फूल खिलाती है
हर पल यादे शिव बाबा की
मन में नए फूल खिलाती है
खुशबू से भर जाता जीवन हर कली कली मुस्काती है।
हर पल यादे शिव बाबा की
मन में नए फूल खिलाती है
असीम प्यार में खोए रहते
मुख की भाषा नयन है कहते
असीम प्यार में खोए रहते
मुख की भाषा नयन है कहते
अनुभव के दो बोल हमारे
चेहरे के हर भाव में बहते
अन्तर की आनंद दास्ता मनकी खुशी बताती है
खुशबू से भर जाता जीवन हर कली कली मुस्काती है।
हर पल यादे शिव बाबा की मन में नए फूल खिलाती है
सुख बरसाए मन हर्षाए
हर जगह सुगंध फैलाए
सुख बरसाए मन हर्षाए
हर जगह सुगंध फैलाए
कमियों की तो बात नहीं जब पास मेरे बाबा आए
पत्नी प्रकाश भरी यादे वो स्वर्ग का द्वार दिखाती है
खुशबू से भर जाता जीवन हर कली कली मुस्काती है।
हर पल यादे शिव बाबा की मन में नए फूल खिलाती है
मन में नए फूल खिलाती है
मन में नए फूल खिलाती है
मन में नए फूल खिलाती है
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