मनके उमंग से उत्साह के रंग से
संगमयुग में हर दिन उत्सव ही मनाना है
दिल में बधाईयों के बज रहे साज अनोखे
हीरे जैसा बने हम यही समय सुहाना है
हम सब की खुशियों का अब ना ठिकाना है
हीरे जैसा हमे बनाने शिव धरा पे पधारे है
हीरे तुल्य ये जयंती है मिलकर हम मना रहे
हीरे जैसा हमे बनाने शिव धरा पे पधारे है
हीरे तुल्य ये जयंती है मिलकर हम मना रहे
मेरा बाबा यही दिल बोले
एक की ही श्रीमत पर हम चले
परिस्थिति कैसी भी आ जाए
वाह वाह ही सदा दिल से निकले
हो मौज भरी ये जीवन
खिला खिला हो मन उपवन
यू सोच सोच कर जिए नहीं
खुशियों में खिले तन मन
अब दूर नहीं बाबा से हम
उनके आंखे के तारे है
हीरे जैसा हमे बनाने शिव धरा पे पधारे है
सेवा का फल हर रोज मिले
बाबा का स्नेह और सहयोग मिले
टूट जाएंगे हद के आधार
बाबा के साथ का सौभाग्य मिले
हलचल में हो जब संसार
बाबा ही होगा आधार
साधना के बल से ही होंगी अपनी जयजयकार
त्रिकालदर्शी त्रिनेत्री हम बाबा के दुलारे है
हीरे जैसा हमे बनाने शिव धरा पे पधारे है
मनके उमंग से उत्साह के रंग से
संगमयुग में हर दिन उत्सव ही मनाना है
दिल में बधाईयों के बज रहे साज अनोखे
हीरे जैसा बने हम यही समय सुहाना है
हम सब की खुशियों का अब ना ठिकाना है
हीरे जैसा हमे बनाने शिव धरा पे पधारे है
हीरे तुल्य ये जयंती है मिलकर हम मना रहे
हीरे जैसा हमे बनाने शिव धरा पे पधारे है
हीरे तुल्य ये जयंती है मिलकर हम मना रहे
