"ओठों पे मुस्कान और चेहरेपे खुशी की लाली है
दिल में उमंग का दरिया है
अब रात गुजरने वाली है
दिल में उमंग का दरिया है
अब रात गुजरने वाली है
ओठों पे मुस्कान और
दीप जलाकर ज्ञान के
शुभ भाव की ज्योती से
दिव्य गुणों की माला पहने शक्तियों के मोती से
स्नेह की शहनाई बजा
स्नेह की शहनाई बजा
नई दुनिया आनेवाली है
दिल में उमंग का दरिया है
अब रात गुजरने वाली है
ओठों पे मुस्कान और
अमन की खुशबू से ये दुनिया महकाओ
ये दुनिया महकाओ
अब धरापार शांति की किरने तुम फैलाओ
किरने तुम फैलाओ
दुख अशांति रोग शोक से
दुख अशांति रोग शोक से दुनिया खाली होनेवाली है
दिल में उमंग का दरिया है
अब रात गुजरने वाली है
ओठों पे मुस्कान और
सफलता के फूल खिले जीवन की हर डाली में संपन्नता के बीज लगे हर क्यारी और हर बाली में
रूहानी उपवन का अब आ गया माली है
दिल में उमंग का दरिया है
अब रात गुजरने वाली है
ओठों पे मुस्कान और चेहरेपे खुशी की लाली है
दिल में उमंग का दरिया है
अब रात गुजरने वाली है
दिल में उमंग का दरिया है
अब रात गुजरने वाली है
दिल में उमंग का दरिया है
अब रात गुजरने वाली है
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