हम परमपिता के बच्चे हैं,
धरती पर स्वर्ग बसायेंगे
जो काम बड़ों से हो न सके
हम छोटे कर दिखलायेंगे
हम परमपिता के बच्चे हैं
धरती पर स्वर्ग बसायेंगे
जो काम बड़ों से हो न सके
हम छोटे कर दिखलायेंगे
है भटक रही जीवन नय्या,
सबकी संसार समंदर में
है भटक रही जीवन नय्या,
सबकी संसार समंदर में
अब क्या होगा, कैसे होगा,
तूफान मचा है अंदर में
प्रभु को जीवन पतवारें दे
नय्या पार लगायेंगे
जो काम बड़ों से हो न सके,
हम छोटे कर दिखलायेंगे
मत देखो नन्ही-सी काया,
हिम्मत है भरी भुजाओं में
मत देखो नन्ही-सी काया,
हिम्मत है भरी भुजाओं में
धरती-आकाश बदल देंगे,
होगी जयकार दिशाओं में
चिंगारी हैं रावण की
लंका को आग लगायेंगे
जो काम बड़ों से हो न सके,
हम छोटे कर दिखलायेंगे
माना ये डगर है बहुत मुश्किल,
पर हम भी किसी से कम तो नहीं
माना ये डगर है बहुत मुश्किल,
पर हम भी किसी से कम तो नहीं
जब साथ में है भगवान,
हमें तो किसी बात का गम है नहीं
हम चाँद पे चढ़ते जायेंगे,
आकाश के तारे लायेंगे
जो काम बड़ों से हो न सके,
हम छोटे कर दिखलायेंगे
हम परमपिता के बच्चे हैं,
धरती पर स्वर्ग बसायेंगे
जो काम बड़ों से हो न सके,
हम छोटे कर दिखलायेंगे
