

हमे आए याद तुम्हारी बाबा याद तुम्हारी हमे आए याद तुम्हारी गोप गोपिया ढूंढ रही है गोप गोपिया ढूंढ रही है मधुबन की गलीयारी हमे आए याद तुम्हारी बाबा याद तुम्हारी गोकुल अपना छोड़ गए तुम बनकर ऐसे प्न्यारे प्यारे ऐसा था तो बने हमारे हम क्यों बाबा प्यारे हमारे ढूंढ रही है प्यासी अंखियों हम तुमको बनवारी हमे आए याद तुम्हारी हमको देही रूप बनाने हुए देह के हम तो न्यारे हमको देही रूप बनाने हुए देह के हम तो न्यारे तुम तो है साथ हमारे हम भी तो है साथ तुम्हारे साथ साथ हम ढूंढ रहे है साथ साथ हम ढूंढ रहे है बाजी अपनी हारी हमे आए याद तुम्हारी बाबा याद तुम्हारी अब की मुरली गूंज रही है प्यारी हम सब के कानों में मीठे बोल बोलते है बाबा अब भी हम सब के कानों में लोक लाज कुल की मर्यादा लोक लाज कुल की मर्यादा हमने तुम पर वारी हमे आए याद तुम्हारी बाबा याद तुम्हारी आते हो अव्यक्त रूप में तो ऐसेही फिर आजओ हम सबके अकारके बाबा फिर से प्यारा मिलन मनाए हम तो देखते है हरपल हम तो देखते है हरपल बाबा राह तुम्हारी हमे आए याद तुम्हारी बाबा याद तुम्हारी गोप गोपिया ढूंढ रही है गोप गोपिया ढूंढ रही है मधुबन की गलियारी हमे आए याद तुम्हारी बाबा याद तुम्हारी ___________________________