जमी गा रही है
आसमां गा रहा है,
नम नैनोंसे ये जहां गा रहा है,
हमे प्यार बहुत है दादी से
दादी बिन रह ना पाए हम
हमे प्यार बहुत है दादी से
दादी बिन रह ना पाए हम
तो दादी के अरमानों का
तो दादी के अरमानों का आओ संसार सजाए हम
हमे प्यार बहुत है दादी से
इस यज्ञ के नन्हे पौधे को साकार ने तुमको था सौफा
उसे इतना वृक्ष विशाल किया सपने में किसीने ना सोचा
कहते है अगर अहसानों को
कहते है अगर अहसानों को हरगिज भुला ना पाए हम
हमे प्यार बहुत है दादी से
प्रभु की प्यारी शिक्षाओं को मीठी मुरली में समझाना
ओ निष्ठा सच्चाई भोलापन ओ शांति शक्ति का बरसाना
गर सिला तुम्हारे प्यार का
गर सिला तुम्हारे प्यार का दिल से जो दे ना चाहे हम
हमे प्यार बहुत है दादी से
कभी पितासा बनकर प्यार दिया
कभी मां बनकर के दुलार किया
कभी बनी सखी कभी बहना बन बांधी राखी संसार दिया
जो दिन बीते दादी के संग
जो दिन बीते दादी के संग उन्हें अमर बनाना चाहे हम
हमे प्यार बहुत है दादी से
हमे प्यार बहुत है दादी से...
