

Ringtone Available
Listen & download ringtone
"आ.. इस धरा से उस अंबर तक बहती धारो से उस सागर तक आ.. इस धरा से उस अंबर तक बहती धारों से उस सागर तक देखा एक नजारा प्रभु प्यार तुम्हारा इस धरा से उस अंबर तक बहती धारो से उस सागर तक देखा एक नजारा प्रभु प्यार तुम्हारा ओ.. बादलों में जैसे सूरज छूपके देख रहा है मन का मौसम मीठा मीठा गीत ये गा रहा है खिला खिला है जैसे गुलशन मेहकाता है जीवन को हे सुहाना रंग बिखरा पुलकित करके मन को इस दिशा से उस दिशा तक इस कोने से उस कोने तक देखा एक नजारा प्रभु प्यार तुम्हारा ओ... गुनगुनाती ये फुरवाई चिर बसंत का मंजर पक्षियों के जैसे हर दिन हो रहा भाव विभोर सजा हुआ है भूमंडल ये जैसे इंद्रधनुष हो हर अंतर में प्रेम अमृत फैलता हुआ रस हो इस दिए से उस तारे तक इस जहां से उस जहां तक देखा एक नजारा प्रभु प्यार तुम्हारा ओ... सबसे न्यारा ये मिट्टी सोना अपना ये प्यारा भारत ज्ञान विज्ञान से भरा है योग में है महारथ जिसकी खूब सूरत ये रचना प्रभु की ये कलाकारी सब कलाओं से है भरपूर यहा के हर नर नारी इस नगर से उस नगर तक इस गली से उस गली तक आ.. इस धरा से उस अंबर तक बहते धारो से उस सागर तक देखा एक नजारा प्रभु प्यार तुम्हारा देखा एक नजारा प्रभु प्यार तुम्हारा देखा एक नजारा प्रभु प्यार तुम्हारा"