"इतनी कृपा हुई कि हम कृत-कृत्य हो गए
इतनी कृपा हुई कि हम हो गए
प्रभु स्नेहा से हमारे प्राण सिद्ध हो गए
प्रभु स्नेहा से हमारे प्राण सिद्ध हो गए
ऐसी असीम ममता यह
कृपा नहीं तो क्या है
ऐसी असीम ममता यह
कृपा नहीं तो क्या है
बिन मांगे सब दिया है
दया नहीं तो क्या है
जीवन के महोत्सव में कर्म नृत्य हो गए
इतनी कृपा हुई कि हम कृत-कृत्य हो गए
न तप न दान
भक्ति ध्यान ज्ञान भी नहीं
पालूं तुम्हें पहचान लूं
विद्वान भी नहीं
बस प्रेम था
जो प्रभु मिलन से तृप्त हो गए
इतनी कृपा हुई कि हम कृत-कृत्य हो गए
परमात्मा मिलेगा था
यह स्वप्न से परे
परमात्मा मिलेगा था
यह स्वप्न से परे
वो सामने हो साथ में
कोई कल्पना करें
इतने समीप आए परम्म मित्र हो गए
इतनी कृपा हुई कि हम कृत-कृत्य हो गए
प्रभु स्नेहा से हमारे प्राण सिद्ध हो गए
इतनी कृपा हुई कि हम कृत-कृत्य हो गए
प्रभु स्नेहा से हमारे प्राण सिद्ध हो गए"
