"इतनी मुद्दत बाद मिले हो
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
इतनी मुद्दत बाद मिले हो
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
बाहों में भरकर प्यार किया जो
बाहों में भरकर प्यार किया जो
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
इतनी मुद्दत बाद मिले हो
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
गुमसुम राहो में तनहा था ये दिल
गुमसुम राहो में तनहा था ये दिल
हाथ पकड़कर के मंजिल पे लाए
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
दुनियाकी वीरान भीड़ में भी थे हम अकेले
दुनियाकी वीरान भीड़ में भी थे हम अकेले
दिल का आशना जब से बने हो
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
खयालों में न था हमदम मिल जाओगे
खयालों में न था हमदम मिल जाओगे
दीदार हुआ जो आया सुकून
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
इतनी मुद्दत बाद मिले हो
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
बाहों में भरकर प्यार किया जो
बाहों में भरकर प्यार किया जो
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
मेरे बाबा मुझे अच्छा लगा
"
