"जब भी निगाहों में, तेरी मैं आऊं
इस संसार को मैं भूल जाऊं
जब भी निगाहों में तेरी मैं आऊं
इस संसार को मैं भूल जाऊं
जब भी निगाहों में .......
दिव्य गुणों से बाबा हमको सजाए
16 कला सम्पन्न हमको बनाए
इक पल भी तुझ बिन ना रह पाऊं
अंखियों में तेरी बाबा मैं खो जाऊंं
जब भी निगाहों में तेरी मैं आऊं
इस संसार को मैं भूल जाऊं
जब भी निगाहों में ...
हर एक कांटे को फूल बनाता
रुहानी खुशबू से जग महकाता
आने से तेरे बाबा मौसम बदलता
आने से तेरे बाबा मौसम बदलता
रहने को तेरे संग दिल मेरा करता
जब भी निगाहों में तेरी मैं आऊं
इस संसार को मैं भूल जाऊं
जब भी निगाहों में......
चांद सितारे नदियां झरने ये सारे
पेड़ और पौधे भी तुझको पुकारे
चांद सितारे नदियां झरने ये सारे
पेड़ और पौधे भी तुझको पुकारे
चहकने से पंछियों के गीत बन जाते
चहकने से पंछियों के गीत बन जाते
पुकारुं मैं जब भी, तुम चले आते
जब भी निगाहों में तेरी मैं आऊं
इस संसार को मैं भूल जाऊं
जब भी निगाहों में ......."
