"जब से तुम मिल गए मेरे हुआ मन में सबेरा
जब से तुम मिल गए मेरे हुआ मन में सबेरा
कुछ भी अच्छा हो बाबा अब साथ जो तेरा
जब से तुम मिल गए मेरे हुआ मन में सबेरा
जब से तुम मिल गए..
मेरे जीवन की बगियां को महकाया
मेरे भाग्य का सितारा तुमने चमकाया
आत्मदीप जल गए दूर हुआ है अंधेरा
आत्मदीप जल गए दूर हुआ है अंधेरा
जब से तुम मिल गए मेरे हुआ मन में सबेरा
जब से तुम मिल गए..
अब मैने जान लिया मेरी मंजिल है कहां
नयनों में रोज दिखता है मुझे जाना जहां
यहां कोई अपना नही अब तू ही बस मेरा
यहां कोई अपना नही अब तू ही बस मेरा
जब से तुम मिल गए मेरे हुआ मन में सबेरा
जब से तुम मिल गए मेरे हुआ मन में सबेरा
कुछ भी अच्छा हो बाबा अब साथ जो तेरा
जब से तुम मिल गए मेरे हुआ मन में सबेरा
जब से तुम मिल गए मेरे हुआ मन में सबेरा
जब से तुम मिल गए..."
