

"झूम उठे दिल सुनकर तेरी,स्नेहमयी अमृतवाणी झूम उठे दिल सुनकर तेरी, स्नेहमयी अमृतवाणी मुरली की धुन पर नाचे मन, पाकर प्यार रुहानी मुरली की धुन पर नाचे मन, पाकर प्यार रुहानी कल्प से बिछुडे बच्चों को, बड़े प्यार से अपनाया कल्प से बिछुडे बच्चों को, बड़े प्यार से अपनाया मीठे सिकीलधे बच्चे कह, दिल में उन्हें समाया बाबा बेहद प्यार तुम्हारा, बाबा बेहद प्यार तुम्हारा, छलकायें नैन से पानी मुरली की धुन पर नाचे मन, पाकर प्यार रुहानी मुरली की धुन पर नाचे मन, पाकर प्यार रुहानी शब्द शब्द से प्यार छलकता, भीनी सी खुशबू भर जाती शब्द शब्द से प्यार छलकता, भीनी सी खुशबू भर जाती अपने पन का भाव लिये हर, शिक्षाएं मन को छू जातीं नयनों से निहाल करें, नयनों से निहाल करें, दृष्टि तेरी रुहानी मुरली की धुन पर नाचे मन, पाकर प्यार रुहानी मुरली की धुन पर नाचे मन, पाकर प्यार रुहानी सुनते सुनते वाणी तेरी, यादों में यूं खो जाते सुनते सुनते वाणी तेरी, यादों में यूं खो जाते सुनकर धुन मुरली की जो, गोपियां भी सुध बुध खो जातीं याद आयें साकार मिलन की, याद आयें साकार मिलन की, मंगल घड़ी सुहानी मुरली की धुन पर नाचे मन, पाकर प्यार रुहानी मुरली की धुन पर नाचे मन, पाकर प्यार रुहानी झूम उठे दिल सुनकर तेरी, स्नेहमयी अमृतवाणी मुरली की धुन पर नाचे मन, पाकर प्यार रुहानी मुरली की धुन पर नाचे मन पाकर प्यार रुहानी पाकर प्यार रुहानी पाकर प्यार रुहानी पाकर प्यार रुहानी पाकर प्यार रुहानी"