िन्हें प्रेम है प्रभु से बड़े खुशनसीब है वो
जिन्हें प्रेम है प्रभु से बड़े खुशनसीब है वो
ऊंचे कर्म उनके चाहे गरीब है वो
जिन्हें प्रेम है प्रभु से बड़े खुशनसीब है वो
ऊंचे कर्म उनके चाहे गरीब है वो
जिन्हें प्रेम है प्रभु से
प्रभु नाम का ही चिंतन प्रभु रूप का ही दर्शन
प्रभु नाम का ही चिंतन प्रभु रूप का ही दर्शन
मन वचन से किया है जीवन प्रभु को अर्पण
सुख दुख समान समझे सच्चे मुरीद है वो
ऊंचे कर्म उनके चाहे गरीब है वो
जिन्हें प्रेम है प्रभु से
नहीं बैर है किससे कोई नहीं पराया
हर आत्मा को जिसने दिल से गले लगया
लगते सभी को प्यारे हर दिल अजीज है वो
ऊंचे कर्म उनके चाहे गरीब है वो
जिन्हें प्रेम है प्रभु से
प्रभु के समान होनेकी बस एक ही है सूरत
धन वैभव वो न देखे शुद्ध प्रेम की जरूरत
जो होंगे मन से पावन प्रभु के करीब है वो
ऊंचे कर्म उनके चाहे गरीब है वो
जिन्हें प्रेम है प्रभु से
जिन्हें प्रेम है प्रभु से
जिन्हें प्रेम है प्रभु से
जिन्हें प्रेम है प्रभु से
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