"जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
ज्ञान सूर्य…….
ज्ञान सूर्य और ज्ञान चंद्रमा के हम ज्ञान सितारे
हम है ज्ञान सितारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
ज्ञान सूर्य और ज्ञान चंद्रमा
लगा लगा कर विश्व के चक्कर
ज्ञान सितारे तरास रहे है
ज्ञान तार में मोती जड़कर
आशा के दीपक……
आशा के दीपक हम उनके
वो निश दिन हमे निहारे
निश दिन हमे निहारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
कल्पना भी नहीं है किसीको
प्रभु पालना में हम है पले
खोज खोज कर दुनिया हारी
पाव में अब तो पड गए छाले
अपनाही नहीं
अपनाही नहीं बल्कि सबके वो पालनहारे
वो है सबके सहारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
एक बूंद की प्यासी दुनिया
दुनिया वाले क्या ये जाने
प्यार का सागर परमपिता है
दिल ये हमारा यही तो मांने
मानव ज्ञानी……
मानव ज्ञानी और देवता सबसे वो ही न्यारे
सबसे वो ही न्यारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
ज्ञान सूर्य……
ज्ञान सूर्य और ज्ञान चंद्रमा के हम ज्ञान सितारे
हम है ज्ञान सितारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे
जिसे खोजती सारी दुनिया वो बैठा सामने हमारे"
