"जीवन जिसने कमल पुष्प सा हम सब का खिलाया
जीवन जिसने कमल पुष्प सा हम सबका खिलाया
माध्यम बन सदा हमे शिव बाबा से मिलाया
माध्यम बन सदा हमें शिव बाबा से मिलाया
अव्यक्त बनाने हमको अव्यक्त रूप हे धारे
अव्यक्त बनाने हमको अव्यक्त रूप है धारे
ऐसे प्यारे-प्यारे ब्रह्मा बाबा हमारे
आ..
दिव्य गुण धारण है करना
याद की यात्रा में रहना
पवित्र बनना और बनाना
प्यार लुटाते ही रहना
आ...
शांति स्तंभ पर पल भर भी जब जब हम आते हैं
पढ़ कर सुंदर शिलालेख को हृदय द्रवित हो जाते हैं
मधुर मधुर शिक्षाओं से सबका सौभाग्य सवारे
ऐसे प्यारे-प्यारे ब्रह्मा बाबा हमारे
समय है कम गफलत ना करो
अविनाशी धन दान करो
हीरे तुल्य है जन्म तुम्हारा
सफल करो कल्याण करो
आ..
सर्वे का पिता है शिव भगवान
भारतवर्ष है देश महान
आबू परम तीर्थ स्थान
प्रभु का है इसको वरदान
ये रहस्य समझना सबको
महावाक्य उच्चारे
ऐसे प्यारे प्यारे ब्रह्मा बाबा हमारे
आ..
अपने को आत्मा समझो
शिव परमात्मा को याद करो
राजयोग से जन्म जन्म के विकर्मो का विनाश करो
आ..
ज्ञान स्वरूप ,प्रेम स्वरूप
प्रिय वात्सो शक्ति स्वरूप बानो
सुख शांति की राह दिखाएं
ऐसे शांति दूत बानो
शांति स्तंभ में शांति की किरणें विश्व में पसारे
ऐसे प्यारे-प्यारे ब्रह्मा बाबा हमारे
जीवन जिसने कमल पुष्प सा हम सब का खिलाया
माध्यम बन सदा हमे शिव बाबा से मिलाया
माध्यम बन सदा हमें शिव बाबा से मिलाया"
