जो ज्ञान गली में आए नहीं, बाबा का ठिकाना क्या जाने,
जो ज्ञान गली में आए नहीं, बाबा का ठिकाना क्या जाने,
जिस ने मुरली रस पीया ही नहीं, वो प्रभु महिमा को क्या जाने,
जिस ने मुरली रस पीया ही नहीं, वो प्रभु महिमा को क्या जाने,
जो ज्ञान गली में आए नहीं...
1) जो मेरा मेरा करता रहे,
मन प्रभु चिंतन से दूर रहे,
कोई कितना भी चाहे ज्ञानी कहे, भगवान को पाना क्या जाने,
कोई कितना भी चाहे ज्ञानी कहे, भगवान को पाना क्या जाने,
जो ज्ञान गली में आये नहीं, वो दुनिया पुरानी क्या जाने,
जो ज्ञान गली में आये नहीं...
2) जो बाबा के संग बैठा ही नहीं,
वो जाने होता योगी क्या,
हम तो हैं दीवाने बाबा के, संसार बेगाना क्या जाने,
हम तो हैं दीवाने बाबा के, संसार बेगाना क्या जाने,
जो ज्ञान गली में आये नहीं, वो ध्यान लगाना क्या जाने
जो ज्ञान गली में आये नहीं....
3) ये दुनिया गोरख धंधा है,
सब जग माया में अँधा है,
जिस बंदे ने प्रभु को देखा नहीं, वो रूप बताना क्या जाने,
जिस बंदे ने प्रभु को देखा नहीं, वो रूप बताना क्या जाने,
जो ज्ञान गली में आये नहीं, वो ज्ञान खजाना क्या जाने,
जिस ने मुरली रस पीया ही नहीं, वो प्रभु महिमा को क्या जाने
जो ज्ञान गली में आए नहीं, बाबा का ठिकाना क्या जाने,
जो ज्ञान गली में आए नहीं....
