ज्योति बिन्दु ही लायेगा
जग में नया सबेरा
जग में नया सबेरा
क्यों न उसी का ध्यान लगालें
पथ का मिटे अंधेरा ....आआआ....
ज्योति बिन्दु ही लायेगा
जग में नया सबेरा
जग में नया सबेरा.आ.आ
ज्योती बिन्दू ही लायेगा
जग में नया सबेरा.आ.आ.
ज्योती बिन्दू ही लायेगा
जग में नया सबेरा
क्यों न उसी का ध्यान लगा लें
पथ का मिटे अंधेरा,अंधेरा
पथ का मिटे अंधेरा.आ.आ.
ज्योती बिन्दू ही लायेगा
जग में नया सबेरा
इस ज्योती की किरन किरन
है हर इक मन की धड़कन
इस ज्योती की किरन किरन
हैं हर इक मन की धड़कन
हर नयनों को जो देती है
यह प्रकाश का जीवन
हर नयनों को जो देती है
यह प्रकाश का जीवन
ज्योति पुंज के आंगन मे तू
ज्योति पुंज के आंगन में तू
डल दे अपना डेरा .आ.आ
डाल दें अपना डेरा.आ.आ.आ.
ज्योती बिंदू ही लायेगा
जग में नया सबेरा.आ.आ
ज्योती बिन्दू ही लायेगा
जग में नया सबेरा
इस काया को तू माया में
कब तक रे भरमायेगा
इस काया को तू माया में
कब तक रे भरमायेगा
लोभ,मोह,मद,काम अग्नि में
कब तक इसे जलायेगा
लोभ,मोह,मद,काम अग्नि में
कब तक इसे जलायेगा
इस बिन्दू से लगन लगा लें
इस बिन्दू से लगन लगा लें
छोड़ दे तेरा-मेरा.आ.आ
छोड़ दे तेरा-मेरा.आ.आ.आ.
ज्योती बिन्दू ही लायेगा
जग में नया सबेरा.आ.आ
ज्योती बिन्दू ही लायेगा
जग में नया सबेरा
दो पल का है जीवन प्राणी
दो पल का है जीवन प्राणी
मन में ज्योति जगा ले.एए
दो पल का आ आ आ..........
दो पल का है जीवन प्राणी
मन में ज्योति जगा ले एएएएए
निराकार से प्रीत लगा लें
निराकार से प्रीत लगा लें
मन में प्रेम बसा ले एएए
निराकार से प्रीत लगा लें
मन में प्रेम बसा ले.एए
परमपिता के परमधाम में
परमपिता के परमधाम में
होगा तेरा बसेरा.आ.आ.
होगा तेरा बसेरा.आ.आ.आ.
ज्योती बिंदू ही लायेगा
जग में नया सबेरा.आ.आ.
ज्योती बिन्दू ही लायेगा
जग में नया सबेरा
क्यों न उसी का ध्यान लगा लें
क्यों न उसी का ध्यान लगा लें ...एएए
क्यो न उसी का ध्यान लगा लें..एएएए
क्यों न उसी का ध्यान लगा लें
क्यों न उसी का ध्यान लगा लें
क्यों न अ अ अ.....
क्यों न उसी का ध्यान लगा लें
क्यों न उसी का ध्यान लगा लें
पथ का मिटे अंधेरा, अंधेरा
पथ का मिटे अंधेरा.आ.आ.आ.
ज्योती बिंदू ही लायेगा
जग में नया सबेरा ,सबेरा
जग में नया सबेरा
ओ..म्...शांति....
ओ...म्... शांति.. शांति.. शांति..
शांति.. शांति...शांति..
शांति.. शांति.. शांत
