ज्योति बिंदु स्वरूप अपना इसी स्वरूप में खोए रहना
व्यर्थ विकल्प को विराम देना ज्ञान रत्नों से खुद को सजाना
बिंदु रूप की स्मृति को सदा बिंदु रूप स्मृति स्वरूप अपना स्वमान
बिंदु का महत्व जान बने हम महान हम महान
ज्ञान बिंदु का मनन करना यही अपना काम
दिव्य गुण धारण करके बने हम गुणवान हम गुणवान
ज्ञान के दाता बाबा हमारें हम ही उनके ज्ञान सितारे
योग की विधि के वो है विधाता हम बच्चों के पालन कर्ता
जैसा हो समय वैसी स्मृति और वैसा ही हो अपना स्वरूप
ज्ञान का प्रकाश हो जहां अंधकार का ना रहे नाम रूप
माया की छाया से दूर रहना पास भी ना आना
बाबा की छत्र छाया में ही रहना दूर कभी ना जाना
ज्योति बिंदु स्वरूप अपना इसी स्वरूप में खोए रहना
व्यर्थ विकल्प को विराम देना ज्ञान रत्नों से खुद को सजाना
बिंदु रूप की स्मृति को सदा बिंदु रूप स्मृति स्वरूप अपना स्वमान
बिंदु का महत्व जान बने हम महान हम महान
ज्ञान बिंदु का मनन करना यही अपना काम
दिव्य गुण धारण करके बने हम गुणवान हम गुणवान
ज्ञान के दाता बाबा हमारें हम ही उनके ज्ञान सितारे
योग की विधि के वो है विधाता हम बच्चों के पालन कर्ता
